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Wednesday, April 17, 2019

What are effective speech skills. प्रभावी भाषण कला

What are effective speech skills प्रभावी भाषण कला 

बहुत से लोग बातचीत में तो निपुण होते हैं पर जब उन्हें मंच पर खड़े होकर सभा को सम्बोधित करना होता है तो उनके हाथ पाँव फूलने लगते हैं। जनसंवाद या लोगों के बीच सहजता से  भाषण देना आसान काम नहीं है।अधिकतर लोग स्टेज फियर के शिकार होते हैं। 
   
         कुछ विशेष नैसर्गिक गुणों से युक्त लोग ही मंच पर सहज हो पाते हैं। लेकिन अभ्यास से इसे बेहतर भी बनाया जाता है। प्रभावी भाषण कला, ज्ञान और अभ्यास पर निर्भर करती है। मंच पर अपने भाषण से लोगों को प्रभावित करने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। 
microphone


प्रभावी भाषण कैसे करें 


1. स्टार्ट कैसे करें  

जैसे ही भाषण देने के लिए आपका नाम पुकारा जाता है श्रोताओं का ध्यान आपकी तरफ केंद्रित हो जाता है डायस तक आपके चल के जाने का ढंग, आपका ड्रेसिंग सेन्स और आपकी बॉडी लैंग्वेज यहां देखी जाती है। इसलिए अवसर के अनुकूल पहनावा और अपनी चाल का ध्यान रखें। 

      डायस पर पहुंचकर सबसे पहले मंच पर उपस्थित कार्यक्रम के अध्यक्ष, अतिथि अथवा मुख्य अतिथि के साथ अन्य प्रमुख लोगों का नाम लेकर अपने उद्बोधन की शुरुवात करें।  यदि आपको उनके नाम ठीक से पता न हों तो गलत नाम उच्चारण करने की जगह "आदरणीय मंच और उपस्थित प्रबुद्ध जन"  कहकर अपना उद्बोधन शुरू कर सकते हैं।  

2. भाषण की विषय वस्तु  


अपने भाषण की शुरुवात किसी प्रसिद्ध कविता या शायरी से करना श्रोताओं को आपकी ओर बांधने में सफल हो सकता है। उसके बाद  जिस विषय पर आप बोलने जा रहे हैं उस पर आपकी विस्तृत जानकारी ही आपके भाषण को गुणवत्ता दे पायेगी। इसके लिए गहन तैयारी करना आवश्यक है।



    अपने भाषण के लिए  विचारों की एक छोटी सूची बनाएँ। भाषण में बोला जानेवाला हर वाक्य  पहले से सोचा हुआ  होना चाहिए। समीक्षा के बाद भाषण के प्रमुख बिंदु एक संक्षिप्त रूप में लिख कर आपके पास होना चाहिए। अगर आपके मन में यह पहले से साफ हो कि आपको क्या कहना है तो शब्द खुद-ब-खुद निकलेंगे।  


3 . ऑडियंस को ध्यान में रखें


अपने भाषण के लिए केंद्रीय संदेश और सहायक बिंदुओं पर गौर करने के साथ  आपको  अपने श्रोताओं पर विचार करना जरूरी  है। यह जानना कि आपके श्रोता कौन हैं और वे आपसे क्या सुनने की उम्मीद कर रहे हैं, आपके भाषण को तैयार करने का आधार बनेगा।

      आपके श्रोताओं का मानसिक स्तर और उनकी सामाजिक स्थिति का ज्ञान  आपको इष्टतम प्रभाव के लिए सही शब्द चुनने में मदद कर सकता है। यह आपको पहले ही पता होता है कि आपको सुनने के लिए कौन लोग आने वाले हैं इसलिए अपने भाषण की तैयारी भी उनके स्तर को ध्यान में रख कर करें। आपकी भाषा शैली कितनी उतार -चढ़ाव वाली होगी यह भी आपके श्रोताओं के स्तर के साथ उनकी संख्या और आपके बोलने के विषय पर निर्भर करेगा। 
people in a club

4. धारा प्रवाह बोलें  

प्रवाह के साथ बोलने का अभ्यास करने के लिए अच्छा होगा अगर आप पहले, अपने विचार को मन में पूरी तरह उतार लें। इस तरह जब आप शब्दों के बजाय विचारों पर ध्यान देंगे, तो शब्द खुद-ब-खुद आपकी ज़बान पर आने लगेंगे और आप दिल से बात कर पाएँगे। 
     लेकिन अगर आप विचारों के बदले शब्दों के बारे में सोचने लगेंगे, तो आप रुक-रुककर बोल पाएंगे। इसलिए अभ्यास कीजिए, तभी जाकर आप प्रवाह के साथ बोलने का गुण निखारने में कामयाब होंगे। यह एक ऐसा गुण है जो असरदार तरीके से भाषण करने के लिए बेहद ज़रूरी है।

5. भाषा पर नियंत्रण   


भाषा आपकी सहज हो, श्रोताओं को समझ आये ऐसी हो। समानार्थी शब्दों को समझ कर ही चुनें। हिंदी  में समानार्थी शब्द बहुत हैं लेकिन उनका  प्रयोग हर जगह संभव नहीं होता, यह आपके श्रोताओं के शैक्षणिक स्तर पर निर्भर करता है।


    प्रभावी भाषण के लिए  भाषा पर अधिकार आवश्यक है। इसके लिए न्यूज़ पेपर, पत्र पत्रिकाओं और साहित्यिक कृतियों को पढ़ते रहें। इनसे आनंद और ज्ञान दोनों मिलेगा साथ ही आप भाषा पर अधिकार प्राप्त कर सकेंगे । सही शब्दों के चयन के लिए आपका शब्द ज्ञान विस्तृत हो इसका खयाल करें।
lady with mike

6. श्रोताओं से आई कांटेक्ट रखें 

अपने भाषण के दौरान, बोलते समय अपने दर्शकों को देखें। मंच पर खड़े होने के बाद आप की निगाह श्रोताओं पर ज्यादा से ज्यादा टिकनी चाहिए इससे श्रोता आपसे जुड़े रहेंगे। बहुत जरूरत पड़ने पर ही आपकी नजरें अपने नोट्स पर जानी चाहिए। 

       इसके लिए अपने भाषण की सामग्री, संक्षिप्त या पॉइंट्स के रूप में लिख कर रखें, तभी आप बोलते समय सीधे अपने नोट्स को देखते रहने से बच पाएंगे। अपने सभी श्रोताओं की ओर नजरें घुमाकर देखने से आप आत्मविश्वास से भरे दिखाई देते हैं। इसका अच्छा प्रभाव आपके श्रोताओं पर पड़ता है। 

7. भाषण की प्रैक्टिस करें  

घर पर मिरर के सामने खड़े होकर भाषण देने की प्रैक्टिस करें इससे आपका फियर दूर होकर आत्मविश्वास बढ़ेगा।  ध्यान रहे श्रोताओं के रिसपांस पर ही आपके भाषण की कामयाबी टिकी है। अपना कार्यक्रम प्रस्तुत करने से पहले अपने कुछ खास मित्रों के सामने भाषण देकर उनकी निष्पक्ष प्रतिक्रिया जान सकेंगे तो आपके लिए सुधार करना सम्भव हो सकेगा। आप यह भी जान सकेंगे कि किस ढंग से बोलने पर आप ज्यादा प्रभावी हो सकते हैं। 



 8. टैक्टफुल स्पीकर बनें   

अपने भाषण को जटिल बनाने की जगह सिम्पल रखेंगे तो श्रोता ज्यादा बेहतर आपसे कनेक्ट हो सकेंगे। अगर माहौल बोझिल हो तो कुछ समय के लिए कुछ अलग विषय पर हल्की फुल्की बात करें। अच्छे  वक्ता अपने  भाषण में जटिल विषयों को सामान्य बनाने का प्रयास करते हैं,  क्योंकि उन्हें पता है कि इससे श्रोताओं  के लिए आसानी होती है।  

      श्रोताओं की रूचि बनाये रखना किसी भी वक्ता के लिए सबसे जरूरी बात है।उदाहरणों, शेरो- शायरी  और  कहानियों से  श्रोता बेहतर जुड़ते हैं, इसलिए अपने भाषण में इन्हें जरूर  अपनाएं। यदि संदर्भ के लिए उपयुक्त है, तो विषय स्पष्ट करने के लिए चुटकुला सुनाए।अनुकूलतम प्रभावशीलता के लिए अपने हाथों का पूर्ण उपयोग करें। हाथों से किया गया इशारा या हास्य आपको अपने श्रोताओं से अधिक से अधिक जोड़ सकता है।

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9. समय अवधि का ध्यान रखें 

प्रभावी भाषण में संक्षिप्तता का गुण होता है। सामान्य तौर पर लम्बा भाषण श्रोताओं को ऊबा देता है और वो बोर होकर जाने लगते है। इसलिए एक अच्छा सूत्र यह है कि आप कम से कम समय के लिए बोलें लेकिन प्रभावी बोलें। 

    यदि भाषण के लिए कोई समयावधि निश्चित की गई है तो उसका सम्मान करते हुए 1 मिनट पहले अपना भाषण समाप्त करें। अगर आप श्रोताओं पर ध्यान देंगे तो जान पाएंगे कि उनका मूड अभी और सुनने का है अथवा नहीं। 


 10. श्रोताओं से सवाल पूछें 

अपने भाषण में श्रोताओं को इन्वॉल्व करें उनसे सवाल पूछें। इससे आपको सोचने का समय मिलेगा और आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा।सवाल  पूछना श्रोताओं का इंटरेस्ट बनाये रखने के लिए आवश्यक है। ऐसा करने से वे  अलर्ट रहेंगे और आपकी बातों को ध्यान से सुनेंगे।
          

11. स्टेज में  चलें


यदि आपका भाषण अनौपचारिक है, तो मंच के एक तरफ से दूसरे तक चलना विभिन्न भागों में बैठे लोगों को आपसे कनेक्ट करने में मदद कर सकता है। यह आपके श्रोताओं को आकर्षित करेगा और आपके प्रभाव को बढ़ाएगा।  


       स्टेज फियर दूर करने के लिए आजकल स्कूलों में छोटे बच्चों को स्टेज पर डांस आदि के कार्यक्रमों में उतारा जाता है। इससे बचपन से उनका स्टेज से भय मिटता है। यहां उल्लेखित बिंदुओं का ध्यान रखकर आप भी भाषण कला में पारंगत हो सकेंगे। 

   आशा है ये पोस्ट  "What are effective speech skills. प्रभावी भाषण कला  " आपके लिए उपयोगी सिद्ध होगी। इसे अपने मित्रों तक शेयर करें और अपने सवाल या सुझाव के लिए कमेंट करें। ऐसी ही उपयोगी  जानकारी के लिए इस वेबसाइट पर विजिट करते रहें। 



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