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Tuesday, October 1, 2019

Building Material supply Business - बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई

Building Material supply Business -बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई 

यदि आप एक ऐसे सदाबहार बिज़नेस की तलाश में हैं जो हर सीजन में चलता है और जिसे कम लागत में शुरू किया जा सकता है तो इस लेख को पूरा पढ़ें। बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई का बिज़नेस एक ऐसा शानदार बिज़नेस है जिसे किसी गांव - कस्बे या शहर दोनों ही जगहों पर किया जा सकता है।

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    निर्माण कार्यों की बढ़ती संख्या के कारण भवन निर्माण सामग्री की जरूरत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बढ़ती जा रही है। शहरों में नए मकानों के निर्माण के साथ साथ पुराने मकानों की रिपेरिंग और अतिरिक्त निर्माण के लिए बिल्डिंग मटेरियल की जरूरत पड़ती है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी पक्के मकान काफी संख्या में बनाये जा रहे हैं इसलिए गांव और कस्बे बिल्डिंग मटेरियल का अच्छा मार्केट बनता जा रहा है। आइये जानते हैं बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई का बिज़नेस स्टार्ट करने के लिए किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है -

बिज़नेस का स्थान -

आपके पास बिल्डिंग मटेरियल रखने के लिए एक प्लाट होना चाहिए। यदि 5000 वर्ग फुट या उससे बड़ा प्लाट मिल जाए तो अच्छा रहेगा। मकान बनाने में अनेक प्रकार की सामग्री लगती हैं परन्तु आप मुख्य रूप से ईंट (Bricks), रेत (Sand), गिट्टी (Stone), सीमेंट और छड़ (Rod) की सप्लाई में अपना ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। मटेरियल की ट्रक से सप्लाई करने के लिए सिर्फ ऑफिस खोलने से काम चल जायेगा। 

   परन्तु मटेरियल की चिल्हर सप्लाई करके अच्छा मार्जिन कमाना है तो आपको इन सभी मटेरियल का स्टॉक अपने पास रखना होगा। सीमेंट को छोड़कर शेष सभी मटेरियल खुले में रखा जा सकता है। सीमेंट रखने के लिए एक रूम की जरूरत पड़ेगी, इसी रूम से लगा हुआ एक ऑफिस बनवाया जा सकता है।

बिल्डिंग मटेरियल के काम में किनसे सम्पर्क करें -

1. मटेरियल कैसे प्राप्त करें -

A. ईंट (Bricks) -

ईंट प्राप्त करने के लिए उन व्यापारियों से सम्पर्क करना होगा जिनके ईंट के भट्टे होते हैं। इनसे आपको डिस्काउंट पर माल मिलेगा क्योकि आप इनके रेगुलर ग्राहक होंगे। इनके पास स्वयं के ट्रक होते हैं जिससे आप की मनचाही जगह में ये सप्लाई देते हैं। आप इन्हें अपने कस्टमर का एड्रेस दे सकते हैं या अपने साइट पर ट्रक बुलवाकर साथ में जाकर माल खाली करवा सकते हैं। 


     आजकल भट्टे वाले लाल ईंट की जगह फ्लाई ऐश ब्रिक्स या कॉन्क्रीट ब्लॉक्स अधिक उपयोग किये जाते हैं। इसके लिए फ्लाई ऐश ब्रिक्स बनाने वाले निर्माताओं से उनकी फैक्ट्री या ऑफिस में जाकर सम्पर्क किया जा सकता है। जितने भी सरकारी निर्माण कार्य होते हैं उनमे फ्लाई ऐश ब्रिक्स का ही उपयोग होता है। सरकार द्वारा इसे प्रोत्साहित करने का कारण यह है कि कारखानों में उतपन्न होने वाली फ्लाई ऐश से वातावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सके और इसका सदुपयोग ईंट निर्माण में हो सके।   इन ईंटों का रेट भी परम्परागत भट्ठे वाले लाल ईंट से कुछ कम होता है इसलिए सामान्य लोग भी अपने भवन के निर्माण में इन्हीं ईंटों का प्रयोग करने लगे हैं। 
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B. रेत (Sand) -

रेत प्राप्त करने के लिए उन व्यापारियों से सम्पर्क करें जिनके पास रेत घाट के ठेके होते हैं। ये लोग नदी से रेत निकलवाकर अपने ट्रक से आपके चाहे हुए साइट पर रेत की सप्लाई कर देंगे। आपके नियमित ग्राहक होने के कारण आपको डिस्काउंट पर रेत मिलेगा। 

C. गिट्टी (Gitti) -

गिट्टी के लिए क्रेशर प्लांट से सम्पर्क करें। शहर के आउटर में ऐसे प्लांट होते हैं जहां बोल्डर को तोड़कर अलग अलग साइज की (पौन इंची, डेढ़ इंची और बजरी या जीरो) गिट्टी बनाई जाती है। पौन इंची गिट्टी का प्रयोग लैंटर ढलाई के कार्य में और डेढ़ इंची गिट्टी बेस कार्य के लिए उपयोग में लाई जाती है। 

D. सीमेंट (Cement) -

सीमेंट के लिए जिस ब्रांड का सीमेंट बेचना चाहते हैं उसके डीलर से जाकर मिलें। ग्राहक से  सीमेंट का आर्डर लेकर सीधे डीलर के माध्यम से उसके साइट पर सीमेंट की सप्लाई दे सकते हैं। यदि ग्राहक की डिमांड फुल ट्रक सीमेंट न हों तो शेष सीमेंट के बैग अपने ऑफिस से लगे स्टोर रूम में रखवा लें। 

2. माल कैसे बेंचे -

A. विजिटिंग कार्ड बनवाएं -

अपना एक विजिटिंग कार्ड बनवाएं, इसमें जिन मटेरियल की सप्लाई आप करने वाले हैं उसकी डिटेल के साथ अपना एड्रेस और मोबाइल नंबर दर्ज हो। फिर अपने क्षेत्र में घूमकर पता लगाएं कि मकान कहां बन रहें हैं। अपने रेट कार्ड के साथ उन मकान मालिकों से जाकर मिलें। इस तरह कुछ आर्डर मिल सकेंगे। 

B. ठेकेदार और इंजीनियर से सम्पर्क -

इस काम में संबंधित लोगों से जितना सम्पर्क करेंगे उतनी ही सफलता प्राप्त होगी। मकान निर्माण में लगे ठेकेदार और इंजीनियर की सलाह लेकर ही मकान मालिक, मटेरियल खरीदता है। इसलिए इनसे अच्छे संबंध बनाकर रखें।  ठेकेदार को उसकी साइट पर सप्लाई हुए मटेरियल के आधार पर कमीशन दिया जाता है। संबंधित इंजीनियर को समय समय पर गिफ्ट आदि दे सकते हैं। ऐसा करने पर वे आगे भी अपने ग्राहकों को आपसे मटेरियल खरीदने की सलाह देंगे। 

C. सरकारी कार्यालयों में सम्पर्क -

नगर निगम और हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों से मिलते रहें, इनसे उन ठेकेदारों का पता चलेगा जिन्हें मकान या सड़क निर्माण के ठेके मिले हैं। ऐसे ठेकेदारों को भी ब्रिक्स आदि की सप्लाई की जा सकती है बशर्ते आप ब्रिक्स मैन्युफैक्चरर से रेट दबा कर माल खरीद सकें। नए ब्रिक्स मैन्युफैक्चरर जिन्हें अपना काम जमाना है वे आपको अधिक डिस्काउंट में माल देंगे। 
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चिल्हर में सबसे अधिक कमाई -

मटेरियल सप्लाई का एक काम तो यह हुआ जहां आप सीधे डीलर से माल लेकर ट्रक से सप्लाई  देते हैं और अपना कमीशन बनाते हैं जिसका जिक्र हमने ऊपर किया है। इस धंधे में चिल्हर सप्लाई करके और भी अधिक कमाई कर सकते हैं। मकान बनाते समय आखरी स्टेज में कई बार ऐसी स्थिति बनती है जब फुल ट्रक मटेरियल की जरूरत नहीं होती। अगर  किसी को 1000 ईंट की जरूरत है तो वह फुल ट्रक (3000)  ईंट नहीं लेना चाहता, भले ही इसके लिए उसे अतिरिक्त पैसे क्यूँ न देना पड़े। इसी प्रकार आप अपने साइट में डम्पर से रेत गिरवाएँगे फिर इसी रेत को ट्राली के हिसाब से सप्लाई करने पर अच्छा मार्जिन बनेगा।   

     इसी तरह मकान रिपेयरिंग करवाने वाले लोगों को भी कम मात्रा में ईंट, रेत और गिट्टी की जरूरत पड़ती है। चिल्हर सप्लाई करने के लिए  ट्रेक्टर और ट्राली की जरूरत पड़ेगी। ग्राहक की मांग एक ट्राली मटेरियल से कम की होने पर माल वाहक ऑटो या हाथ ठेले की व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे ग्राहक की जितनी जरूरत हो उतनी मात्रा में मटेरियल की सप्लाई कर सकेंगे। ट्रेक्टर ट्राली यदि नहीं खरीद सकते तो किराये पर लेकर भी चलवा सकते हैं। वैसे ट्रेक्टर ट्राली होने पर दूसरे लोगों की माल ढुलाई करके जैसे किसानों की फसल, खाद आदि की ढुलाई से भी अतिरिक्त आय हो सकेगी। 

Conclusion -

A. टाइम का महत्व -

बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई के काम में टाइम का बहुत अधिक महत्व है। यदि आप समय पर माल नहीं दे पाते हैं तो इससे ठेकेदार और मकान मालिक का नुकसान होता है। क्योंकि बिना मटेरियल के उनके लेबर खाली बैठ जाते हैं। इस काम में साख बनाना है तो समय पर मटेरियल सप्लाई होना जरूरी है। इसके लिए आप ऐसे डीलर का चुनाव करें जिनके पास मटेरियल सप्लाई के लिए पर्याप्त संख्या में ट्रक हों। जिससे यदि किसी ट्रक  में कोई तकनीकी खराबी आती भी है तो दूसरे ट्रक द्वारा सप्लाई सुनिश्चित हो सके। 
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B. मटेरियल की क्वालिटी -

बिल्डिंग मटेरियल में हाई, मीडियम और लो क्वालिटी का माल आता है। ईंट में इसे 1 नंबर, 2 नंबर और 3 नंबर कहते हैं। क्वालिटी के अनुसार इनके रेट में भी अंतर होता है। इसी प्रकार रेत में नदी घाट की रेत और खदान की रेत की क्वालिटी में अंतर होता है। इसमें भी प्लास्टर के लिए बारीक़ या मीडियम रेत और जोड़ाई या लैंटर काम के लिए मोटी रेत लगती है। 

  कस्टमर की डिमांड के अनुसार ही मटेरियल की सप्लाई हो यह सुनिश्चित करना आपका काम होगा। साथ ही इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि ट्रक में भरती पूरी हो अर्थात क्वांटिटी कम न हो। आपका रेट भी दूसरों की तुलना में कम होना चाहिए। 

C. पर्याप्त लेबर रखें -

यदि चिल्हर सप्लाई का काम है तो आपके पास ट्रेक्टर ट्राली में माल लोड अनलोड करने के लिए पर्याप्त संख्या में लेबर होना चाहिए। इसके अभाव में माल की टाइम से माल की सप्लाई नहीं दे पाएंगे और आपकी साख खराब होगी। 

D. सीजन का ध्यान रखें -

इस काम में अच्छा पैसा कमाने के लिए सीजन को देखते हुए माल का स्टॉक करना पड़ता है। बारिश में पानी बढ़ जाने के कारण नदी से रेत की सप्लाई बाधित होती है। इसके लिए गर्मी के सीजन में ही अपने प्लाट में पर्याप्त मात्रा में रेत का स्टॉक कर लेंगे तो बारिश में अतिरिक्त पैसा कमा सकेंगे। क्योंकि तब रेत का रेट अधिक होता है। 

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E. सीमेंट की सुरक्षा -


चिल्हर  सप्लाई  के लिए सीमेंट स्टॉक में रखने पर उसे सुरक्षित रखने का विशेष प्रबंध करें। सीमेंट को नम हवा से बचाना जरूरी होता है अन्यथा वह जमने लगता है और किसी काम का नहीं रहता। इसलिए सीमेंट को प्रॉपर तरीके से कवर करके नमी रहित कमरे में रखें।


F. छड़ (Rod) की सप्लाई -


 मकान बनाने के लिए बजट का बड़ा हिस्सा छड़ खरीदने में खर्च होता है।  इसकी सप्लाई के लिए अधिकतर अलग से लोहा दुकान खोलनी पड़ती है क्योंकि इसकी वैरायटी अधिक होने के कारण अधिक जगह और पैसों की जरूरत पड़ती है। यदि किसी कस्बे में बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई का काम खोल रहे हैं और आपके पास थोड़ी अतिरिक्त जगह है तो छड़ की अधिक उपयोग होने वाली वैरायटी जैसे 6 m.m., 10 m.m. और  12 m.m. रख सकते हैं। इस काम को करने के लिए लेबर के साथ माल ढुलाई का प्रबंध और  छड़ तौलने के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक कांटे की जरूरत पड़ेगी। 

    आशा है ये पोस्ट "Building Material supply Business -  बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई " पढ़कर आप समझ गए होंगे की मटेरियल सप्लाई का काम किस प्रकार से किया जा सकता है। यदि आपके मन में कोई सवाल या सुझाव हो तो कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं। इस जानकारी को अपने मित्रों तक शेयर करें।  ऐसी ही अन्य उपयोगी जानकारी के लिए इस वेबसाइट पर विज़िट करते रहें। हमें e-mail subscribe भी कर सकते हैं जिससे नए आर्टिकल की सूचना आपको e-mail पर मिल सकेगी।

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