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Friday, October 25, 2019

IAS (UPSC) Ki Taiyari Kaise Kare -IAS kaise bane

 IAS (UPSC) Ki Taiyari Kaise Kare -IAS kaise bane

हमारे देश के अधिकतर युवा पढ़ लिखकर गवर्नमेंट जॉब पाने का लक्ष्य लेकर चलते हैं और उनमें बहुत से आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS) या आईएफएस (IFS) बनने का सपना देखते है। इस मंज़िल को पाने के लिए संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा (Civil Service Examination) में सफल होना पड़ता है। इस परीक्षा के माध्यम से प्रतिवर्ष निकलने वाले कुछ पदों के लिए लाखों परीक्षार्थियों में से श्रेष्ठ लोगों का चयन किया जाता है। इसलिए यह नौकरी पाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए सबसे कठिन परीक्षाओ में से एक मानी जाती है।

UPSC

      इसके बावजूद युवा इसमें सफलता पाने के लिए जीतोड़ प्रयास करते हैं क्योंकि यहां सफलता का अर्थ है -पद प्रतिष्ठा के साथ मिलने वाला बढ़िया वेतन और देश के लिए कुछ करने का एक अवसर। परन्तु UPSC में सफलता इतनी आसानी से नहीं मिलती। क्योंकि युवावस्था के शौक  मौज़ एवं अन्य आकर्षण, परीक्षार्थी का ध्यान अपनी ओर खींचने का प्रयास करते हैं, जिससे वह उतनी मेहनत नहीं कर पाता जितनी UPSC में सफल होने के लिए अपेक्षित होती है। 

    अंततः सफलता की देवी उन्हीं का वरण करती है जो पूरी एकाग्रता के साथ अपने लक्ष्य को पाने के लिए समर्पित होते हैं और युवावस्था के अन्य आकर्षण से बचकर इसकी कीमत चुकाने को तैयार होते हैं। 

    इस परीक्षा में अच्छी रैंकिंग लाने में वही सफल होता है जिसमें शैक्षणिक योग्यता के साथ बहुत अच्छा समसामयिक और सामान्य ज्ञान भी हो। परीक्षार्थी में देर तक बैठकर क्वालिटी पढ़ाई करने का अनुशासन और धैर्य होना चाहिए। सिविल सेवा में सफलता पाने के लिए एक सटीक रणनीति होना जरूरी है। आपको UPSC के परीक्षा पैटर्न की सही जानकारी होनी चाहिए इसके बाद ही इस परीक्षा के लिए सही ढंग से तैयारी कर सकते है। 
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1.  IAS परीक्षा के लिए योग्यता -

संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) द्वारा आयोजित परीक्षा में बैठने के लिए योग्यता इस प्रकार होना जरुरी है -

1.  आवेदक भारतीय नागरिक हो

2. IAS (UPSC) Exam के लिए किसी भी विषय में स्नातक (B.A.,B.Com.,B.Sc.आदि) की परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। यदि आपने  Graduation किसी Technical या व्यवसायिक कोर्स से पूरा किया है तो भी  UPSC Exam के लिए अप्लाई कर सकते हैं।    

3. जिस यूनिवर्सिटी से आप स्नातक हों वह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (U.G.C.), किसी राज्य या केंद्र द्वारा मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी होना चाहिए।  


4. यदि ग्रेजुएशन के Final Year में है तो भी IAS Exam के लिए Apply किया जा सकता है लेकिन मुख्य परीक्षा (Main Exam) के समय मार्कशीट लगाना अनिवार्य होंगा। 
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2. आयु सीमा एंव अधिकतम प्रयास  के मौके -


इसे यूपीएससी द्वारा अलग अलग केटेगरी में बांटा गया है जो इस प्रकार है -


1.  सामान्य वर्ग (General Category) -


 सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा 21 वर्ष से अधिकतम 32 वर्ष तक निर्धारित की गयी है। ये लोग इस परीक्षा में अधिकतम 6 बार प्रयास कर सकते हैं। 


2.  पिछड़े वर्ग (OBC Category) -


 पिछड़े वर्ग के लोग अपनी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर 3 वर्ष की अतिरिक्त छूट पा सकते हैं।  इस प्रकार पिछड़ा वर्ग 21 वर्ष से 35 तक अधिकतम आयु सीमा में परीक्षा दे सकते है और परीक्षा के लिए अधिकतम प्रयास (Attempt) 9 बार कर सकते हैं। 


3.  अनुसूचित जाति/ जनजाति (SC/ ST Category) -


 इस केटेगरी वाले  अपनी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर 5 वर्ष की अतिरिक्त छूट पा सकते हैं।  इस प्रकार ये वर्ग 21 से 37 वर्ष  की उम्र तक परीक्षा दे सकते है और इस वर्ग के लिए अधिकतम प्रयास (Attempt) की कोई सीमा (Limit) नहीं है। यानि वे इस आयु के दौरान चाहे जितनी बार परीक्षा दे सकते हैं। 

 3. UPSC का परीक्षा पैटर्न ( Exam Pattern)-

यूपीएससी के लिए Notification  जनवरी - फरवरी में आते है और फॉर्म अप्लाई फरवरी से मार्च तक करने होते हैं।  इस परीक्षा के फॉर्म www.upsc.gov.in पर जाकर भरे जा सकते हैं। यूपीएससी (UPSC) द्वारा आयोजित परिक्षाए 3 चरणों में सम्पन्न होती है -पहला है प्री एग्जाम (prelm exam) यानी प्रारम्भिक परीक्षा, दूसरा मेन एग्जाम (main exam) यानि मुख्य परीक्षा और अंतिम चरण होता है साक्षात्कार (interview) . 
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A. प्री एग्जाम (prelm exam) - 

UPSC के प्री एग्जाम का उद्देश्य, मुख्य परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों की छटनी करना होता है जिससे योग्य कैंडिडेट आगे की परीक्षा में जा सके। प्री एग्जाम के नंबर फाइनल रिजल्ट में नहीं जोड़े जाते परन्तु मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए इसे अच्छे अंको से उत्तीर्ण करना आवश्यक है।ये परीक्षा मई - जून महीने में आयोजित की जाती है। प्रारंभिक परीक्षा में 2 पेपर देने होते है जिनमें प्रत्येक पेपर 200 अंक का होता है। 

     पहला पेपर सामान्य अध्ययन (General Study), भारतीय इतिहास एवं राजनीति, भूगोल, विज्ञानं और प्रौद्योगिकी, अर्थशास्त्र पर्यावरण एवं जैव विविधतता के साथ समसामयिक जानकारी (current affairs) अर्थात राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रम पर आधारित होता है। 

    दूसरा पेपर CSAT (Civil Service Aptitude Test) होता है जिसमें कैंडिडेट के मानसिक बोधगम्यता की जांच की जाती है। इसमें उसकी लॉजिक रीजनिंग, तर्क शक्ति, गणितीय योग्यता एवं दिए गए डाटा के आधार पर उत्तर देना होता है। अब इस पेपर के अंक रिजल्ट में नहीं जोड़े जाते, केवल 33% अंक लाना अनिवार्य होता है। इस पेपर में 80 प्रश्न पूछे जाते हैं। 

    दोनों ही पेपर में माइनस मार्किंग भी होती है। इस परीक्षा के लगभग 2 महीने बाद इसका रिजल्ट आता है और उस वर्ष जितनी वैकेंसी होती है उसके 12 से 15 गुना कैंडिडेट को मुख्य परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाता है। 

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B. मुख्य परीक्षा (main exam) -



प्रारम्भिक परीक्षा पास करने के बाद कैंडिडेट को एक DAF (detailed application form) भरना पड़ता है जिसमे उसे अपनी पर्सनल डिटेल के साथ मुख्य परीक्षा के लिए चुने गए ऑप्शनल विषय और अपनी पसंद का सेवा क्रम भरना पड़ता है, जैसे उसकी वरीयता  IPS, IAS, IRS, IFS वगैरह में से क्या होगी, यह दर्शाना पड़ता है। यह परीक्षा 1750 अंकों की होती है और इसमें 9 पेपर होते हैं। प्रतिदिन 2 पेपर होते हैं और यह क्रम 5 -6 दिनों तक चलता है।

      प्रायः सितम्बर अक्टूबर महीने में इस परीक्षा का आयोजन होता है। इसमें पहला पेपर english विषय का होता है जो अनिवार्य होता है। दूसरा पेपर किसी भारतीय भाषा का होता है, इन दोनों पेपर्स में न्यूनतम क्वालीफाइंग marks लाना अनिवार्य होता है । तीसरा पेपर essay या निबंध का होता है जिसमें 2 निबंध लिखने होते हैं। यह पेपर 250 नंबर का होता है और बहुत महत्वपूर्ण होता है, इसमें कैंडिडेट की लेखन क्षमता को परखा जाता है। 

      सामान्य अध्ययन (General study) के 4 पेपर होते हैं, इन्हें GS-1, GS-2, GS-3 और GS-4 के नाम से जाना जाता है। इनमें से प्रत्येक 250 मार्क्स का होता है। सिलेबस के अनुसार इसमें स्टडी का दायरा बहुत विस्तृत होता है और बहुत अधिक तैयारी करनी पड़ती है। इसके अलावा कैंडिडेट को ऑप्शनल विषय के पेपर देने होते हैं, जिनका चुनाव उसने फॉर्म भरते समय किया होता है। कैंडिडेट को ऑप्शनल विषय के  चयन में  बहुत सावधानी रखना चाहिए क्योंकि दोनों पेपर मिलाकर यह 500 अंकों का होता है। 
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C. साक्षात्कार (Interview) -

सिविल सेवा परीक्षा का अंतिम चरण साक्षात्कार या इंटरव्यू होता है जिसमें बोर्ड के सम्मुख उपस्थित होना पड़ता है, जहां कैंडिडेट के व्यक्तित्व को परखने के अलावा कठिन परिस्थिति में उसके निर्णय लेने की क्षमता और आत्मबल को जांचा जाता है। 

   उच्च पद में काम करने के लिए सेवा भावना के अलावा उसकी नैतिकता और ईमानदारी के भाव को देखा जाता है। यह इंटरव्यू 275 मार्क्स का होता है। इस तरह लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के मार्क्स जोड़कर 2025 होते हैं। इसमें से क्रमानुसार सर्वाधिक अंक पाने वाले परीक्षार्थियों का चयन मेरिट के आधार पर उस वर्ष घोषित पदों के लिए किया जाता है। 

4.  IAS बनने के लिए तैयारी इस प्रकार कर सकते हैं -


A. सही योजना (planning) बनाएं -

सिविल सेवा परीक्षा का सिलेबस काफी विस्तृत होता है और गहन अध्धयन की मांग करता है। इसके लिए अपनी पढ़ाई की प्लानिंग इस प्रकार से करें जिससे सभी पेपर के विषय को पर्याप्त समय दिया जा सके।  किसी भी परीक्षा में सफलता के लिए सबसे पहले उस परीक्षा के विषय वस्तु की जानकारी होनी चाहिए और उसी आधार पर आपको विषय  की तैयारी करनी चाहिए। 

    इस परीक्षा में एक विषय ऑप्शनल के रूप में लेना पड़ता है, वह यदि आपके ग्रेजुएशन के कोर्स में शामिल हो तो आपको बहुत मदद मिलेगी। इसके लिए स्नातक की पढ़ाई में उस विषय को शामिल करें जिसे बाद में सिविल सेवा परीक्षा के ऑप्शनल विषय के रूप में सेलेक्ट करना है। इस तरह की योजना बनाकर आप उस विषय की पढ़ाई गहनता से कर सकेंगे।
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B. स्नातक स्तर से तैयारी शुरू करें -

अगर IAS बनना है तो इसकी तैयारी स्नातक स्तर पर ही शुरू कर दें।UPSC के डेटा के अनुसार सिविल सर्विस एग्जाम क्लियर करने वाले ज्यादातर कैंडिडेट्स 23 से 28 साल के होते हैं। आमतौर पर जब आप ग्रैजुएशन के फाइनल ईयर में होते हैं तो इस परीक्षा में शामिल होने की तैयारी शुरू कर देना चाहिए।

     तैयारी के लिए सही किताबों का चुनाव बहुत ही जरूरी है। आपको उन किताबों का अध्ययन करना चाहिए जो  सिविल सेवा परीक्षा में सफल होने वाले लोगों द्वारा सुझाई जाए। आपको इन किताबों को पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ना चाहिए। आपको जनरल स्टडी (G.S.) पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।

C. समसामयिक विषयों की तैयारी-  

सिविल सर्विसेज के एग्जाम में करंट अफेयर्स और जनरल अवेयरनेस काफी मायने रखता है। समसामयिक विषयों की तैयारी करने के लिए आप नियमित रूप से मैगजीन और समाचार पत्रों का अध्ययन करें। इसमें हिंदी और अंग्रेजी के प्रसिद्ध अखबार पढ़ सकते हैं। इसके अलावा आप समसामयिक मुद्दों के लिए किताबों का भी सहारा लें सकते है। 

  इसके लिए आप चाहे तो NCERT (National Council of Educational Research and Training) की किताबों को पढ़ सकते है ये किताबें आनलाईन नि:शुल्क उपलब्ध है। साप्ताहिक या पाक्षिक प्रकाशित होने वाली अच्छी पत्रिकाओं (मैगजीन) को पढ़ने की आदत बनाएं। इस परीक्षा में सफल होने वालों के इंटरव्यू पढ़ें जिससे आपको मोटिवेशन प्राप्त होगा साथ ही तैयारी कैसे करनी चाहिए यह भी समझ सकेंगे। 

D. सोशल साइट्स से दूरी रखें - 

आप इंटरनेट का उपयोग अपने टॉपिक को समझने के लिए अवश्य करें परन्तु सोशल साइट्स में अपना समय बर्बाद करने से बचें। सोशल साइट्स में पता ही नहीं चलता और आपका उपयोगी समय बर्बाद हो जाता है, यह समय आप अपने विषय के तैयारी में लगाएं। लास्ट इयर्स के प्रश्न पत्रों को  गहराई से देखें और उसे अपनी तैयारी का आधार बनाकर अपनी पढ़ाई करें। 

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D. एकाग्रता बनाएं रखें - 

सिविल सेवा परीक्षा में सफलता के लिए अपने लक्ष्य के प्रति एकाग्रता आवश्यक है। आपको नियमित अध्ययन करना पड़ेगा, आपकी प्राथमिकता में पढ़ाई होना चाहिए न कि आराम या मौज मस्ती। क्योंकि सिविल सेवा परीक्षा में सफल होने पर एक उज्ज्वल भविष्य आपका इंतज़ार कर रहा होता है, इसलिए इसकी तैयारी के लिए आपको त्याग तो करना ही पड़ेगा।  

   अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए अपनी पूरी ऊर्जा अध्ययन में लगाए बिना आप इस परीक्षा में कुछ नही कर सकते। अपने जीवन के कुछ वर्षों का यह त्याग आपके शेष जीवन को सफल बनाने की बुनियाद बन सकता है। 


E. आत्मविश्वास  (Self Confidence) बनाये रखें -


IAS जैसी देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफल होने के लिए कैंडिडेट में आत्म विश्वास का स्तर बहुत ऊँचा होना चाहिए। आधे अधूरे मन से किया गया प्रयास यहां सफलता नहीं दिला सकता।  देश में छोटे से छोटे सरकारी जॉब को पाने के लिए लोगों की लम्बी लाइन लगती है फिर यह तो नौकरशाही के टॉप पदों को पाने की परीक्षा है इसलिए यहां लाखों की भीड़ में खुद को श्रेष्ठ साबित करना जरुरी होता है। 

  यह मजबूत आत्मविश्वास के बिना सम्भव नही है। इसके लिए प्रेरणादायक किताबे पढने और  मोटिवेशनल विडियो देखने का क्रम बनाए रखें, जिससे आपको एक ताकत मिलेगी। आप परीक्षा के परिणाम के बारे में अधिक सोचने की जगह केवल अपनी तैयारी पर ध्यान दें और अनावश्यक स्ट्रेस से बचकर रहें।  अधिक सोचने से  स्ट्रेस (tension) होता है जिसकी वजह से एकाग्रता नष्ट होकर पढ़ाई में मन नहीं लगता। 


F. अपना आकलन करें -


समय समय पर अपनी तैयारी का आकलन करते रहें। इससे पता चलेगा कि आपकी तैयारी किस दिशा में जा रही है। आपको मॉक टेस्ट देकर अपनी तैयारी जांचना चाहिए। जिससे जरूरत के हिसाब से आप अपनी रणनीति में बदलाव कर सकेंगे।

     आशा है इस आर्टिकल  "IAS (UPSC) Ki Taiyari Kaise Kare -IAS kaise bane"  के माध्यम से आपको सिविल सेवा परीक्षा की पूरी जानकारी मिल गई होगी। इसे अपने मित्रों तक शेयर कर सकते हैं। अपने सवाल एवं सुझाव कमेंट बॉक्स में लिखें साथ ही ऐसी और भी उपयोगी जानकारी के लिए इस वेबसाइट पर विज़िट करते रहें। 

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