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Thursday, July 23, 2020

7 Tips to Overcome Mobile Addiction-मोबाइल की लत से कैसे बचें

7 Tips to Overcome Mobile Addiction-मोबाइल की लत से कैसे बचें 

आज के दौर में स्मार्टफोन हमारी जरूरत बन गया है। विद्यार्थियों की ऑनलाइन शिक्षा से लेकर अन्य कई तरह के काम इसकी मदद से किये जा रहे हैं। एक तरफ जहां इसका उचित प्रयोग करने पर बहुत से फायदे हैं, वहीं इससे हमेशा चिपके रहने के नुकसान भी हैं। इंटरनेट उपयोग के मामले में भारत का स्थान विश्व में दूसरा है। आज 87% युवा वयस्कों का कहना है कि उनका स्मार्टफोन हमेशा उनके साथ  होता है, जबकि 80% स्मार्टफोन उपयोगकर्ता जागने के 15 मिनट के भीतर अपना फोन चेक करते हैं।
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  आज औसतन एक शहरी अपना 3 से 4 घंटे का समय मोबाइल पर बिताता है। इनमें से कुछ लोग इसके एडिक्शन के शिकार हैं। गृहणी हो या बच्चे सभी के लिए स्मार्टफोन की लत एक बड़ी समस्या बनती जा रही है।कुछ लोग अपने मोबाइल से थोड़ी देर के लिए भी अलग नहीं हो पाते। इसे नोमोफोबिया (nomophobia) कहते हैं, यह "नो-मोबाइल-फ़ोन फ़ोबिया" का संक्षिप्त रूप है।

मोबाइल फ़ोन की लत (addiction) के शिकार व्यक्ति के लक्षण इस प्रकार के होते हैं।


मोबाइल लती के लक्षण (Symptoms of Mobile addiction)


1.अक्सर भोजन करते समय भी अपने फोन का इस्तेमाल करते हैं।

2. मोबाइल फोन साथ नहीं होने पर असहज महसूस करते हैं और सामान्य व्यवहार करने में कठिनाई आती है।

3. कभी-कभी आधी रात को जागकर अपना फोन चेक करते हैं।

4. अक्सर अपने वर्किंग पीरियड में भी फ़ोन पर बिजी रहते हैं, जबकि उस समय का उपयोग उत्पादक कार्य में होना चाहिए।


5. अक्सर अपने स्मार्टफोन का उपयोग उन कार्यों को करते समय भी करते हैं, जिनके लिए फोकस की आवश्यकता होती है। जैसे किसी असाइनमेंट पूरा करना या ड्राइविंग करना।

6. व्यक्तिगत रूप से दूसरों के साथ बातचीत करने की तुलना में अपने फोन पर अधिक समय बिताते हैं।

7. कहीं जाने पर स्मार्टफोन से दूर रहने या नेटवर्क कवरेज न होने का डर सताता रहता है।
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मोबाइल फोन के नुकसान (Disadvantages of using mobile phone)


मोबाइल की लत से छुटकारा पाने के लिए उससे होने वाले नुकसान को समझना जरूरी है। शोध के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रयोग से हमारे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। स्मार्टफोन का ज्यादा उपयोग आपके सिर दर्द, थकान, चिड़चिड़ापन, बैचेनी, अनिद्रा की शिकायत और इससे उतपन्न शारीरिक कमजोरी का कारण बनता है। 

  मोबाइल से निकलने वाले रेडिएशन को घातक बताया जाता है। विशेषज्ञों के एक अंतरराष्ट्रीय समूह की रिपोर्ट के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा मोबाइल फोन की लत और उसके दुष्प्रभाव के संबंध में चिंता व्यक्त की गई है। मोबाइल से कैंसर या ब्रेन ट्यूमर आदि गंभीर बीमारी हो सकती है। 
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 इसके वास्तविक खतरे स्पष्ट नहीं हैं, परन्तु आम तौर पर सभी सहमत हैं कि मोबाइल फोन स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा करते हैं,  क्योंकि वे विकिरण का उत्सर्जन करते हैं - माइक्रोवेव और रेडियो तरंगों के रूप में - जो शरीर द्वारा अवशोषित होता है।

  आपका स्मार्टफोन ज्यादा इस्तेमाल होने पर आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। आइये जानते हैं मोबाइल फोन का अधिक प्रयोग शरीर में क्या दुष्प्रभाव छोड़ता है -


1. आंखों के लिए - 

मोबाइल की रंगीन और तेज़ रोशनी वाले स्क्रीन को लगातार देखना हमारी आंखों पर बुरा प्रभाव छोड़ता है। इसकी ब्राइटनेस अत्यधिक होने और फॉन्ट साइज के कारण हमारे आंखों को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ सकता है। विशेषकर रात के समय अंधेरे में या बहुत कम रौशनी में पूरी रात मोबाइल देखने पर सुबह उठने पर आंखों की रौशनी चले जाने के समाचार भी हैं। 

 2. अनिद्रा की समस्या -

सोते समय मोबाइल फोन का देर तक इस्तेमाल आपके लिए अनिद्रा की समस्या पैदा करने में बेहद सहयोगी बनता है। नींद आने का एक चक्र होता है परन्तु जब आप बिस्तर पर लेट कर रात को स्मार्टफोन का प्रयोग करते हैं तो नींद का चक्र प्रभावित होता है और थोड़ी देर बाद आपकी नींद गायब होने लगती है।  

   जाहिर सी बात है कि सही समय पर अगर आपने नींद नहीं लिया तो नींद पूरी होने में परेशानी होती है। इससे अगले दिन की पूरी दिनचर्या प्रभावित होती है और आगे चलकर स्वास्थ्य पर इसका गंभीर परिणाम हो सकता है। 


3.  मानसिक विकार -

नींद पूरी नहीं होने की वजह से हमारे दिमाग को पूरा आराम नहीं मिल पाता, जो बहुत से मानसिक विकारों को पैदा करने का कारण बनता है। इससे तनाव, चिड़चिड़ापन और झुंझलाहट जैसी समस्याएं सामने आने लगती है।  इसके अलावा स्मार्ट फोन में उपलब्ध आपत्तिजनक सामग्री भी हमारे मस्तिष्क पर विपरीत प्रभाव डालती है। 

   मोबाइल के लती लोगों को कई बार भ्रम होता है कि उनका फोन बज रहा है और वे बार बार उसे चेक करते रहते हैं, जबकि उस पर कोई काल या मैसेज नहीं आया होता। इसे एक तरह का फोबिया कहा जा सकता है, जो   गंभीर समस्या को पैदा कर सकता है। 
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4. शारीरिक समस्या - 

स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते समय हमारे शरीर का पोश्चर सही नहीं रहता, जिससे गर्दन और हाथों के अलावा शरीर से संबंधित कई तरह की समस्यायें पैदा हो सकती हैं। स्मार्टफोन से निकलने वाली हानिकारक किरणें, सिरदर्द और अन्य दिमागी तकलीफों के लिए जिम्मेदार होती हैं। 

 फोन के स्क्रीन पर कई तरह के किटाणु होते हैं, जो इंफेक्शन जनित बीमारियों का कारण बन सकते हैं। ये किटाणु त्वचा संबंधी कई तरह की समस्याओं को उत्पन्न करने में सक्षम हैं। 


5.  बच्चों के लिए घातक -

आज छोटे बच्चों के हाथों में मोबाइल फोन देखा जा सकता है। बच्चों को बिजी रखने का ये तरीका आसान तो है, परन्तु इसके गंभीर दुष्प्रभाव देखे जा सकते हैं। इंटरनेट पर पढ़ने, गेम खेलने और दोस्तों से सम्पर्क में रहने के लिए बच्चे ज्यादातर ऑनलाइन रहते हैं। धीरे धीरे यह समय बढ़ता जाता है और लत का रूप ले लेता है। इंटरनेट की लत को मनोवैज्ञानिक, ड्रग की लत जैसा मानते हैं। 


   बच्चे को गेम खेलने से रोकने पर वह नाराज़ होता है और गुस्सा प्रकट करता है। अभी एक खबर में बताया गया कि पिता द्वारा पबजी गेम खेलने से मना करके पर बच्चा इतना क्षुब्ध हुआ कि उसने छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। 

 अगर आपका बच्चा स्कूल में खराब परफॉरमेंस दिखाता है, दोस्तों के साथ आउटडोर गेम्स खेलने की जगह ज्यादातर मोबाइल में व्यस्त रहता है। उसका चिड़चिड़ापन और गुस्सा बढ़ रहा है तो वह मोबाइल एडिक्शन का शिकार है। 

   अगर बच्चों में इसके नुकसान की बात की जाए तो यह उनकी आँखों के लिए बेहद नुकसान दायक होता है। बच्चों का रैटिना पूरी तरह डेवलप नहीं हुआ रहता, इस कारण मोबाइल या टैब के स्क्रीन से निकलने वाली लाइट उनकी आई साईट को अधिक डैमेज कर सकती है। साथ ही मोबाइल का रेडिएशन उनके डेवलप होते ब्रेन के लिए अधिक हार्मफुल होता है। 
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  एक समाचार के अनुसार लम्बे समय तक मोबाइल में गेम खेलने की लत के चलते एक बालक स्ट्रोक का शिकार हुआ और उसके हाथ में लकवा मार गया। जब बच्चा मोबाइल में अधिक समय बिताता है, तब वह खेलकूद और आउटडोर एक्टिविटी में भाग नहीं लेता, इससे उसके शारीरिक विकास में बाधा पैदा होती है। 

   गेम में दिखाए जाने वाले हीरो, बच्चे के आदर्श होते हैं।सुपरमैन, स्पाइडर मैन और भीम जैसे चरित्रों को लेकर बनाये गए इन गेम्स में हिंसा भरपूर मात्रा में होती है। इससे बच्चे का बिहैवियर आक्रामक हो जाता है। इस प्रकार मोबाइल का एडिक्शन बच्चे के शारीरिक और  मानसिक विकास पर दुष्प्रभाव डालता है। 

  बच्चे को इसकी लत से बचाने के लिए उसके साथ अधिक समय बिताएं उसे आउटडोर गेम्स खेलने की सुविधा प्रदान करें। बच्चे को गार्डन या हरियाली से भरी जगहों में घुमाने लेकर जाएँ, इससे उसका ध्यान मोबाइल से हटेगा।  


  स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वाले लोग इसके आदी हो जाते हैं, किसी भी अन्य लत की तरह इसे दूर करना एक कठिन काम है, लेकिन यह असंभव नहीं है। 


मोबाइल की लत से कैसे बचें (7 Tips to Overcome Mobile Addiction)


1. अपने मोबाइल फोन उपयोग की समीक्षा करें -

मोबाइल की लत पर काबू पाने की प्रक्रिया का पहला चरण मोबाइल फोन  उपयोग के समय के बारे में स्वयं चिंतन करना और यह देखना है कि उससे आपको क्या लाभ और हानि है। मोबाइल या किसी भी अन्य लत से निकलने का पहला उपाय है -व्यक्ति को उस वस्तु के उपयोग की व्यर्थता का बोध होना। इसके लिए उसे वास्तविकता के धरातल में उतरकर चीज़ों की जांच करनी होती है।

 रियलिटी चेक में आपको देखना है कि मोबाइल फोन का उपयोग करने की आप क्या कीमत चुका रहें हैं। यानि किस तरह का शारीरिक और मानसिक नुकसान आपको झेलना पड़ रहा है और उसके बदले में आपके   जीवन में कौनसी उपलब्धि जुड़ रही है। 

  क्या आपको इससे धन मिल रहा है या आपके ज्ञान में कोई सकारात्मक वृद्धि हो रही है? अगर केवल मनोरंजन हो रहा है, तो क्या इतना अधिक समय इस कार्य के लिए खर्च करना ठीक है? 


   कुछ लोगों के इससे आर्थिक हित जुड़े होते हैं। ऑनलाइन बिज़नेस, ब्लॉगर या यू ट्यूबर लोगों को मोबाइल फोन का उपयोग करने से उनके काम में मदद मिल सकती है और यह उनकी आय का जरिया बन सकता है। लेकिन बहुत अधिक समय तक मोबाइल का उपयोग करना उनके लिए भी नुकसानदायक हो सकता है। 
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 इसलिए अपने मोबाइल फोन के उपयोग की पूरी वास्तविकता से जांच करें और समझें कि क्या फेसबुक, ट्विटर या व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया पर आप जो समय, ऊर्जा और धन को खर्च करते हैं, वह उस लायक हैं। 

 विचार कीजिये कि आपके द्वारा इन प्लेटफॉर्म्स पर शेयर की गई किसी फोटो को मिलने वाले लाइक या डिसलाइक से आपका कितना भला होने वाला है और इसकी चिंता करके क्या आप अपना नियंत्रण दूसरों के हाथ में नहीं दे रहे हैं? 


2. नोटिफिकेशन बंद करें (Turn off notifications) -

मोबाइल की लत से बचने के लिए फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप व अन्य ऐप से मिलने वाली अंतहीन नोटिफिकेशन को बंद करें।  यह आपको विचलित करती है और आप बार-बार अपना फोन चेक करने पर विवश हो जाते हैं। केवल उसी ऐप की नोटिफिकेशन बंद न करें, जिससे आपके कार्य का संबंध जुड़ा हो, जैसे टेक्स्ट मैसेजिंग ऐप जिसके जरिये आपको बैंक के लेन-देन संबंधी मैसेज प्राप्त होते हैं।

   यदि कोई व्यक्ति आपके स्टेटस अपडेट को लाइक करता है और आपको फॉलो करता है और इस संबंध में आपको एक ईमेल भेजता है अथवा  कुछ लोग नियमित रूप से गुड मॉर्निंग या गुड नाईट के संदेश भेजते हैं। ये सब आपको तुरंत देखने की आवश्यकता नहीं है। 

   जितने अधिक बार आप अपने फोन की जांच करते हैं, उतना ही यह एक आदत बन जाता है। इसलिए नोटिफिकेशन बंद करें, जिससे आपका मोबाइल आपको बार बार आकर्षित नहीं करेगा और आप अपनी सुविधानुसार इसका उपयोग कर सकेंगे।

3. अपनी आँखें बंद करें और गहरी साँस लें -

जब आप अपने उपयोगी कार्य में लगे हैं चाहे पढ़ाई कर रहे हैं या एक रिपोर्ट लिख रहे हैं। तभी अचानक आपको लत के अनुसार अपने फोन को बाहर निकालने और अपने फेसबुक या व्हाट्सएप मैसेज की जांच करने की एक भारी चुलुक (आग्रह) महसूस करते हैं। ऐसी दशा में आप अपनी आँखें बंद करें और गहरी साँस लें।


   अभी तक आप अपना काम छोड़कर मोबाइल देखना शुरू करते थे जहां आपके मित्र की नवीनतम छुट्टियों की फोटो होती है, उस पर आप कमेंट करते हैं। कभी वह ऐसी फोटो भेजता है जिससे आपके सौंदर्य बोध को ठेस पहुँचती है पर उसे भी आपको लाइक करना पड़ता है। 

   कभी कोई अपने घर में बने नाश्ते का फोटो भेजता है तो कोई मैसेज को 21 बार शेयर करने से कृपा बरसेगी वाले मैसेज भेजता है। इससे पहले कि आप इसे जानें, आपके 30 मिनट बीत चुके होते हैं - जबकि आपने केवल 3 मिनट का ब्रेक लेना चाहा होता है।

    अपने फोन को चेक करने की ललक तरंगों में आती है। यदि आप केवल कुछ सेकंड के लिए इसे बाहर कर देते हैं, तो ललक गायब हो जाएगी। तब आप वापस अपना काम कर सकते हैं। विषेशज्ञ के अनुसार जब ऐसा लगे कि आपको बस अपना फोन चेक करना है, तो अपनी आँखें बंद कर लें और तीन सेकंड तक एक गहरी साँस लें फिर तीन सेकंड में साँस छोड़ें।

    जरूरत हो तो इसे और दोहराएं, इससे मोबाइल देखने का आग्रह गायब हो जाएगा। बस आपको अपने मूल कार्य पर लौटने की इच्छाशक्ति होनी चाहिए। यह आपके स्मार्टफोन की लत को तोड़ने में मदद करने के लिए एक सरल लेकिन शक्तिशाली तकनीक है। 
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4. सोशल मीडिया एप्स को डिलीट करें -

मोबाइल की लत पर नियंत्रण करने के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया एप्स को डिलीट कर दें। यह एक कठोर कदम   लगता है, लेकिन है नहीं। आप अभी भी अपने फ़ोन के इंटरनेट ब्राउज़र के माध्यम से सोशल मीडिया साइटों तक पहुँचने में सक्षम होंगे। 

  बस आपको ऐप को खोलने की तुलना में थोड़ा समय अधिक लगेगा और जरा असुविधा होगी। परन्तु यह आपके सोशल मीडिया पर व्यर्थ जाने वाले समय को कम कर देगा। 

   फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर की मोबाइल के अनुकूल वेबसाइट हैं। निश्चित रूप से, मोबाइल वेब अनुभव, ऐप के अनुभव के समान सहज नहीं है। लेकिन यह आपके सामयिक सोशल मीडिया की लालसा को संतुष्ट करने के लिए पर्याप्त है। 

   अगर अपनी उत्पादकता बढ़ाना चाहते हैं तो अपने मोबाइल फोन से हर एक गेम को हटा दें। यहां तक कि उन सभी ऐप्स को हटा दें जिनका आप उपयोग नहीं करते हैं।

   यह आपके फ़ोन से अव्यवस्था को दूर करने में आपकी सहायता करेगा और यह डिवाइस के स्टोरेज को भी रिलीज़ करता है। इससे आपके आपके फ़ोन के प्रदर्शन में सुधार होगा। साथ ही आप अपने स्मार्टफोन की लत पर काबू पाने के बहुत करीब होंगे।
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5. स्मार्टफोन का उपयोग सीमित करें -

मोबाइल का पूरी तरह निषेध तो नहीं किया जा सकता लेकिन यह तो निश्चित किया जा सकता है कि इसका कब इस्तेमाल किया जाएगा और कब नहीं। उदाहरण के लिए भोजन करते समय मोबाइल को दूर रखना उचित है।  विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान मोबाइल को बंद रखा जा सकता है।

   आप अपना समय काटने के लिए यदि मोबाइल का उपयोग करते हैं तो उसकी जगह किताबे पढ़ना, व्यायाम करना, योग ध्यान करना, बागवानी करना, घर के काम में हाथ बंटाना जैसे कार्य कर सकते हैं। इससे आपका ध्यान मोबाइल से बंट जायेगा। 


   बिस्तर पर जाने से पहले मोबाइल फ़ोन बंद किया जाना चाहिए, लेकिन  अभी भी ज्यादातर लोगों द्वारा ऐसा नहीं किया जाता। अगर आपका कोई ऐसा कार्य है जिसमें रात को भी महत्वपूर्ण कॉल आते हों और आप उनका समाधान रात को ही करते हों तब बात अलग है, अन्यथा रात को सोने से पहले फोन को स्विच ऑफ कर दें।  

  अगर आपका फोन कुछ घंटों के लिए बंद रहता है, तो इससे फ़ोन कम बिगड़ता है, और आपको अपनी नींद भी बेहतर तरीके से पूरी करने में मदद मिलेगी।


6. बिना मोबाइल फोन के घर से बाहर निकलें -

कभी कभी जब टहलने निकलें या आसपास कहीं जा रहे हों तो अपने घर से बिना मोबाइल फोन के बाहर निकलें। आज, मोबाइल की लत इतनी अधिक बढ़ गई है कि किसी सुंदर प्राकृतिक दृश्य का आनंद लेने की बजाय लोग उसे मोबाइल से शूट करते हैं। 

   इससे बचने के लिए अगली बार जब आप अपने घर से बाहर निकलें तो अपने फोन को पीछे छोड़ दें। बस अपने और अपने आसपास के दृश्यों और लोगों पर ध्यान केंद्रित करने के एकमात्र इरादे के साथ बाहर जाएं। 

  ताजी हवा में सांस लें,  लोगों से मिलें। मोबाइल के बिना घर से बाहर निकलना न केवल आपके मोबाइल की लत को दूर करने में मदद करेगा बल्कि यह आपको अपने शौक और रुचियों को आगे बढ़ाने में भी मदद करेगा।

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7. साधारण फोन का इस्तेमाल करें -

यदि आप एक गंभीर स्मार्टफोन की लत के शिकार हैं और उपर बताये बिंदुओं में से कोई भी मदद नहीं करता है, तो आपकी समस्या से निपटने के लिए संभवतः कठोर उपाय की आवश्यकता है। 

  आप कुछ हफ्तों के लिए एक साधारण फोन का उपयोग कर सकते हैं, जिसमें केवल कालिंग और मेसेजिंग जैसे बेसिक फीचर होते हैं। इस तरह जब आप अपने स्मार्टफोन से दूर रहने में सफल हो जाते हैं और  अपनी लत पर काबू लेते हैं तब बाद में स्मार्टफोन पर वापस आ सकते हैं। 


Conclusion -

कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप अपनी लत से छुटकारा पाने के लिए कितनी योजना बनाते हैं। आप तब तक कुछ भी पूरा नहीं कर पाएंगे जब तक अपने संकल्प को कार्य में नहीं बदल लेते। एक बार निश्चत कर लेने के बाद बार - बार उसी गलती को दोहराने से बचें। यह न हो कि - "हर बार मैं एक ही गलती करता रहा, धूल चेहरे पर थी और मैं आइना साफ़ करता रहा।"

   आप मोबाइल की लत पर काबू पाने की युक्तियों में से अपनी प्रिऑरिटी तय करें और अपने विचारों को कार्यों में लगाएं। यदि आप उन पर काम नहीं करते हैं तो उपर्युक्त चरणों में से कोई भी काम नहीं करेगा। मोबाइल उपयोग को प्रतिबंधित करने के लिए अपने मस्तिष्क को प्रशिक्षित करें।

   आशा है यह आर्टिकल "7 Tips to Overcome Mobile Addiction-मोबाइल की लत से कैसे बचें" आपको उपयोगी लगा होगा इसे अपने मित्रों एवं परिवार के अन्य सदस्यों को शेयर कर सकते हैं। अपने सवाल और सुझाव कमेंट बॉक्स में लिखें। 

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