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Sunday, August 4, 2019

Joint pain. जोड़ों के दर्द का घरेलू उपचार

 Joint pain.जोड़ों के दर्द का घरेलू उपचार 

जोड़ों मे दर्द (joint pain) अधिकतर घुटने, एल्बो और कंधों मे होता है। मौसम में बदलाव होने और ठंड बढ़ने पर जोड़ों के दर्द का बढ़ना, सूजन आना जैसी मुसीबतें भी बढ़ने लगती हैं। जोड़ों में दर्द के कई कारण हो सकते हैं जैसे संक्रमण (infection), आर्थराइटिस (हड्डियों की कमजोरी) के कारण या फिर चोट लगने के कारण हो सकता है। कभी-कभी यह दर्द कुछ यौन संचरित रोगों (एसटीडी) के कारण भी हो सकता है। अत्यधिक शारीरिक श्रम या व्यायाम में अति करने से भी जोड़ो मे दर्द हो सकता है।
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 जोड़ों के दर्द का कारण        

इसे संधि वात भी कहा जाता है। कब्ज़ की समस्या स्थायी रूप से बनी रहने पर गैस बनती है। जब यह गैस जोड़ों पर अपना स्थान बना लेती है तो वहां दर्द होना शुरू हो जाता है। इससे निजात पाने के लिए पहले कब्ज़ की समस्या से निपटना होगा। भोजन में रेशे युक्त आहार का प्रयोग करें, गेहूं चोकर और गुड़ से बने लड्डू का प्रयोग सोने से पहले कर सकते हैं। पेट ठीक से साफ़ न होना अनेक बीमारियों की जड़ है, अतः अपने आहार का विशेष ध्यान रखें और कब्ज़ न होने दें। 

      सूजन आना और जोड़ो की जगह लाल होना, यदि घुटने अधिक प्रभावित हों तो चलने में बहुत कठिनाई होना इसके लक्षण हैं। हड्डियों के जोड़ में कार्टिलेज ऐसे लचीले टिशू होते हैं जो चलने, दौडने या उठने बैठने पर जोड़ों पर किसी तरह का दबाव पड़ने या झटका लगने से रोकते हैं। जब कार्टिलेज की इस क्षमता में कमी आने लगती है तो जोड़ों में दर्द या गठिया की समस्या उतपन्न होती है। उम्र बढ़ने पर इनमें घिसाव हो जाना और शरीर मिनरल्स की कमी भी इसका एक कारण है। 

     समस्या उत्पन्न करने वाले कारकों के अनुसार इसका इलाज होता है। अगर चोट लगने के कारण जोड़ो मे दर्द है तो चोट ठीक होने पर जोड़ो की तकलीफ भी दूर हो जाएगी। उसी प्रकार, अगर जोड़ो मे दर्द आर्थराइटिस के कारण हो रहा हे तो हड्डीयों मे सूजन को ठीक करने और एंटीबायोटिक दवाओं के द्वारा इसका इलाज किया जाता है। अगर इन्फेक्शन या एसटीडी दर्द का कारण है, तो इन्फेक्शन मिटाना पहली प्राथमिकता होगी। ऐसे में इलाज के साथ अपनी लाइफ स्टाइल में सुधार लाना और खानपान में ऐसी चीजें शामिल करना जो हड्डियों को मजबूत बनाए, बहुत जरूरी हो जाता है। 

जोड़ों के दर्द से बचने के तरीके

1. व्यायाम  (Exercise)  करें -

एक ही जगह बैठे या लेटे रहने से बचें। निष्क्रिय स्थिति में ज्यादा समय तक रहने से भी जोड़ों में अकड़न महसूस होने लगती है। लगातार कुर्सी में बैठे रह कर काम करना या एक जगह पड़े रहने से बचें। सक्रिय रहने का प्रयास करें। डॉक्टर की सलाह पर नियमित रूप से विशेषकर जोड़ों से संबंधित व्यायाम करें। अपनी शक्ति के अनुसार मॉर्निंग वाक और  योगासन करना लाभकारी होगा। जोड़ों के दर्द का उपचार करने में ये योग आसन उपयोगी हैं- ताड़ासन, पवनमुक्तासन, मकरासन, त्रिकोणासन। 

2. मोटापे से बचें -

मोटापे के कारण यह समस्या और बढ़ जाती है। ज्यादा वजन से घुटनों  पर अधिक दबाव पड़ता है, जिससे Cartilage  के क्षतिग्रस्त होने या टूटने की संभावना बढ़ जाती है। यदि आपका वजन नियंत्रित रहता है तो जोड़ भी स्वस्थ रहते हैं। 
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3. शारीरिक भंगिमा  (Poshcher) का ध्यान रखें -

खेल के दौरान एक ही पोजीशन को बार बार दोहराने से भी यह समस्या पैदा हो सकती है।  सही पोश्चर में ऊठने बैठने का ध्यान रखना जरूरी है।रात्रि में झटके से बिस्तर से न उठें इससे तकलीफ और बढ़ सकती है। अपनी गतिविधियां इस प्रकार करें कि घुटने के जोड़ों पर दबाव या झटका न लगे। इसके अलावा जोड़ों की सेफ्टी ध्यान रखें और वहां पर चोट लगने से बचाएं। 

4. गुनगुनी धूप का सेवन करें -

हड्डियों को मजबूत रखने और जोड़ों के दर्द से बचने के लिए रोजाना सुबह की गुनगुनी धूप का सेवन करें। सूरज से पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी प्राप्त किया जा सकता है जो कि हड्डियों की मजबूती और जोड़ों के दर्द को मिटाने के लिए आवश्यक है


5. प्रभावित जगह की मालिश करें -

जॉइंट दर्द को दूर करने के लिए मालिश एक घरेलू उपचार है। गर्म और ठंडी सेंक का उपयोग करना मांसपेशियों और हड्डी के दर्द से निपटने का एक आम तरीका है। मालिश के लिए आप लौंग तेल, रोसमेरी तेल, पुदीना  जैसे तेलों का उपयोग कर सकते हैं। यूकेलिप्टस की पत्तियों में एक ऐसा तत्व उपस्थित  होता है, जो सूजन और दर्द को कम करता है।  इसके तेल का इस्तेमाल मालिश के लिए किया जा सकता है। जोड़ों के दर्द को मिटाने के लिए बहुत से आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों से युक्त तेल या मलहम बाजार में उपलब्ध हैं, जिनका प्रयोग मालिश करने में किया जा सकता है।


घुटने के दर्द का घरेलू उपचार -

1. एलोवेरा (ग्वारपाठा) लेकर उसका गूदा (जेल) चम्मच से खुरच कर निकाल लें। फिर इसमें 1 चम्मच अरंडी (अंडी) का तेल और हल्दी मिलाकर पेस्ट तैयार करें। घुटने पर इस पेस्ट को लगाएं और ऊपर से अरंडी का एक या दो पत्ता लगाकर पट्टी बांध दें। अरंडी का पत्ता लगाने से पहले उसे तवे में गर्म कर लें। रात भर इसे लगा रहने दें सुबह उठकर इसे धो सकते हैं। लगातार एक सप्ताह तक यह प्रयोग करने से घुटने के दर्द में बहुत फायदा होता है। यह प्रयोग अनेक लोगों द्वारा आजमाया हुआ है और इससे उनके घुटने के दर्द में बहुत  राहत मिली है। 

2. पारिजात (हरसिंगार) के 10-15 पत्ते लेकर पानी के साथ अच्छी तरह उबालें। जब पानी आधा रह जाए तब इसे छानकर पिए। लगातार 15 दिनों तक इस प्रयोग को करने से घुटनों के दर्द में बहुत आराम पहुँचता है। 

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अपने आहार में इन्हें शामिल करें -

A.अदरक (Ginger) -

एंटीसेप्टिक  (Antiseptic) गुण होने की वजह से अदरक, जोड़ों का दर्द और सूजन कम करने में मदद करता है। साथ ही यह रक्त का संचार भी बढ़ाता है, जो प्रभावित जगह पर गर्माहट और जल्द ठीक होने की प्रक्रिया को तेज करता है। इसके लिए अदरक का रस, शहद के साथ सेवन करें।  दर्द की जगह  पर अदरक का पेस्ट भी लगाया जा सकता है।


B. लहसुन (Garlic) -


लहसुन अत्यंत गुणकारी होने के कारण आयुर्वेद में इसे "रसायन" की संज्ञा दी गई है। अपने खाने में नियमित रूप से लहसुन की 2 -3 कली का प्रयोग करें। इसे बारीक़ काटकर पानी के साथ निगल सकते हैं। इसमें एंटीसेप्टिक गुणों के साथ सल्फर और सेलेनियम की मात्रा होने से यह जोड़ों के दर्द में राहत पहुंचाता है। 



C. दूध का सेवन करें -

शरीर में कैल्शियम की पूर्ति और जोड़ों को मजबूत रखने के लिए दूध जरूर पिए। दूध में हड्डियों के लिए आवश्यक कैल्शियम और विटामिन -D पाया जाता है। 


D. अजवायन (Oregano) -

 सूजन कम करने का गुण होने के कारण यह जोड़े के दर्द को कम करता है।अजवायन का पानी रोजाना पी सकते हैं साथ ही इसका पेस्ट बनाकर भी दर्द वाली जगह लगाया जा सकता है। एक चम्मच अजवायन को गर्म पानी में डालें और दर्द वाली जगह को 5-10 मिनट तक उसमें डुबो कर रखें। इस तरह सेंक करने से दर्द से राहत मिलती है। 


E. तिल (Mole) -


जोड़ों के दर्द से राहत के लिए तिल का इस्तेमाल किया जा सकता है।  तिल में कैल्शियम काफी मात्रा में होता है। गर्म तासीर होने के कारण तिल, वात दोष को संतुलित रखता है, जो जोड़ों के घिसाव व हड्डियों से जुड़ी अन्य बीमारियों का एक अहम कारक होता है। 

F. लेने योग्य आहार -


जोड़ों के दर्द में सर्वोत्तम आहार वे हैं जिनमें प्राकृतिक रूप से सूजनरोधी गुण होते हैं, और जो ओमेगा-3 फैटी एसिड्स और विटामिन डी से समृद्ध होते हैं। इनमें अखरोट, कद्दू के बीज, अलसी के बीज आदि  शामिल हैं। पालक, पत्ता गोभी जैसी सब्जियों का का सेवन कर सकते हैं। संतरा, टमाटर व अन्य विटामिन सी युक्त तत्व कार्टिलेज क्षरण को रोकते हैं। तले आहार, शक्कर, शराब, सोडा, फ़ास्ट फ़ूड, नॉन वेज भोजन और मैदा आधारित उत्पाद से परहेज करें। 

      आशा है ये पोस्ट "Joint pain. जोड़ों के दर्द का घरेलू उपचार" आपको उपयोगी लगी होगी, इसे शेयर कर सकते हैं। ऐसी ही और भी उपयोगी जानकारी के लिए वेबसाइट पर विजिट करते रहें।

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